top of page
  • Writer's pictureSanjay

कच्चे धागों का पक्का बंधन

कच्चे धागों का पक्का बंधन


पतले पतले धागों में,

असीमित प्रेम समाया है।

बहन के रूप में ईश्वर ने,

माँ को बनाया है।


raksha bandhan hind, raksha bandhan 2023

बहन हर रिश्ते की सूरत है,

हर भाई को बहन की ज़रूरत है,

वो कभी लड़ती झगड़ती है,

तो कभी खूब रोती है,

लाख लड़ाइयाँ कर लूँ,

पर मेरे लिए वो खास है,

खुशनसीब हैं वो लोग,

बहन जिनके है।



चूड़ी वाले हाथों को भी ज़रूरत है,

प्रेम की, सम्मान की, स्वाभिमान की,

हर भाई, बहन की रक्षा नहीं करता,

जब बहन भाई की रक्षा करे,

इस बात को कोई नहीं कहता !!


Raksha Bandhan 2023

कच्चे धागों में प्रेम पिरोकर,

माथे पर तिलक लगाती है,

बहन की राखी से, भाई के कलाई की शोभा बढ़ जाती है,

जीवन में जब अंधेरा छाये

ज्योति बन उसे मिटाती है,

कभी माँ, कभी पिता,

तो कभी दोस्त बन जाती है,

बहन जब हमसे दूर होती है, तो हमें बहुत याद आती है।





कवि

Raksha bandhan Hindi poem, Hindi poem on Raksha Bandhan
संजय

36 views0 comments

Kommentarer


Subscribe For Latest Updates

Thanks for subscribing!

bottom of page